I came with flowers, with hopes and love inside, but never knew to a florist, i was gifting — to a florist, who was burning her own flowers, and ashes settled on my bower.
Oh Sanwre!
- Get link
- X
- Other Apps
राधा बिना जीवन है क्या ओ सांवरे!
राधा बिना कौन तुझे पूछेगा ओ बावरे!
मूरत है कान्हा तो राधा है सीरत
सीरत बिना मूरत का क्या भाव रे
राधा बिना कृष्ण है क्या
जैसे एक सूखा कुआं
आओ जल भर दे करके इनको प्रणाम
विधि का विधान देखो विधाता को झुका दिया
राधा बिना कृष्ण देखो कैसे कष्ट सहे
स्वयं पालनहार के अश्रु बहे,
समझ नहीं पाता हूं मैं नियति है या कोई माया
क्यों कृष्ण हुए जुदा छोड़ दी अपनी छाया
सार बिना संसार क्या
स्वर बिना बांसुरी क्या
राधा बिना कान्हा है क्या
कौन तुझे पूछेगा ओ सांवरे
भक्ति का कैसे दूं प्रमाण
जब रोक ना सका नारायण
अपने जीवन से जुदा
जब रोक न सकता हूं मैं
मालिक के अश्रु का बखान
समझ नहीं पाता हूं मैं क्यों राधा कृष्ण हुए जुदा
राधा बिना जीवन है क्या ओ सांवरे!
राधा बिना कौन तुझे पूछेगा ओ बावरे!
- Get link
- X
- Other Apps
Comments
Popular posts from this blog
SILENCE
Burning Florist
एक पल
एक पल में दुनिया पलट जाएगी तुम बस विलास करोगे एक ही आस करोगे कि फिर से आ जाए वह पल परंतु पाओगे दुख चाहे आज हो या कल जिसके साथ में है खुशियों का भंडार एक पल में वह चुप हो जाएगा रह जाएंगी बस यादें फिर कहोगे 'काश' करोगे खुशियों की तलाश रह जाओगे निराश क्योंकि दुखिया है संसार जिसका तुम्हें इतना गुरूर है जिसका तुम्हें इतना फितूर है बिन कारण के छोड़ जाएगा तुम्हें तुम ही में तोड़ जाएगा घाव है बिना रक्त बहे, मन हो आसक्त कहे किस बात का तुम्हें घमंड है यह तन भी श्रीण हो जाएगा यह जीवन तो एक दंड है माया का प्रचंड है मन के इस तूफान का यही एक समाधान है आसक्ति हो कान्हा से यही एक वरदान है

Beautiful poem ❤️
ReplyDeleteNice
ReplyDeleteBeautiful poem
ReplyDeleteGreat poem 👌
ReplyDeleteA beautiful poem of radha krishna
Great…….one more hidden talent in you
ReplyDeleteGreat
ReplyDelete